कृति देव 010 से यूनिकोड (मंगल फॉन्ट) और यूनिकोड से कृति देव में 100% शुद्धता के साथ फॉन्ट बदलें।
भारत में पिछले 30 वर्षों से सरकारी कार्यालयों, कोर्ट-कचहरी और टाइपिंग सेंटरों में कृति देव (Kruti Dev 010) फॉन्ट का व्यापक उपयोग होता आ रहा है। कृति देव कोई स्वतंत्र भाषा नहीं है, बल्कि अंग्रेजी अक्षरों (ASCII) पर हिंदी प्रतीकों की एक मैपिंग है।
जब आप कृति देव टेक्स्ट को व्हाट्सएप, ईमेल या वेबसाइट पर भेजते हैं, तो वह पढ़ने में नहीं आता और विकृत अंग्रेजी (Garbled letters जैसे Hkkjr ljdkj) दिखाई देता है। वहीं दूसरी ओर, यूनिकोड (मंगल / Mangal Font) डिजिटल दुनिया का आधिकारिक मानक है जो बिना किसी फॉन्ट के किसी भी कंप्यूटर, टैबलेट या मोबाइल पर सही दिखता है।
| विशेषता | कृति देव 010 (Kruti Dev) | यूनिकोड मंगल (Unicode / Mangal) |
|---|---|---|
| कीबोर्ड लेआउट | रेमिंगटन गेल (Remington Typewriter) | इन्स्क्रिप्ट (Inscript) या फोनैटिक |
| फॉन्ट निर्भरता | सिस्टम में कृति देव फॉन्ट इंस्टॉल होना अनिवार्य | किसी अतिरिक्त फॉन्ट की आवश्यकता नहीं (Universal) |
| इंटरनेट और सोशल मीडिया | इंटरनेट पर काम नहीं करता (खराब दिखता है) | वेबसाइट, व्हाट्सएप, फेसबुक और गूगल पर 100% समर्थित |
| सरकारी परीक्षा | कोर्ट स्टेनोग्राफर व पारंपरिक टाइपिस्ट टेस्ट | SSC CGL, CHSL, CPCT, बैंक और केंद्रीय भर्ती |
f) व्यंजन से पहले टाइप की जाती है (जैसे fd = कि)। कनवर्टर इसे पहचानकर यूनिकोड मानक के अनुसार सही स्थान पर लगाता है।/keZ टाइप करने पर 'धर्म' बनता है, जिसमें 'Z' बाद में आता है। हमारा एल्गोरिदम र-रेफ को स्वचालित रूप से वर्ण से पहले जोड़ता है।{k), त्र (=), ज्ञ (K), श्र (J), द्ध ()), द्व (}) आदि सभी जटिल संयोजनों को शुद्ध देवनागरी में बदलता है।